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समय सबसे बड़ा धन है। इसे ही तो हम जीवन कहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को इस धन की समान मात्रा प्राप्त होती है। फिर भी अधिकांश लोग इसे गँवा बैठते हैं। क्योंकि वे समय के महत्व को समझ नहीं पाते।
समय सदैव गतिशील है, रुकता नहीं। एक क्षण भी व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। इसलिए समय का सदुपयोग करके ही हम अपना जीवन सार्थक बना सकते हैं।
समय के प्रति जागरूक लोग ही विकास की राह पर आगे बढ़ते हैं। वे समय को कुशलतापूर्वक नियोजित एवं प्रबंधित करके अपने लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करते हैं। ऐसे लोग हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।
इसके विपरीत जो लोग सोचते हैं कि समय बहुत है, वे कभी कुछ हासिल नहीं कर पाते। इसलिए समय से लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी चाहिए। समय की सदा कद्र करते रहना चाहिए।
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वृक्ष प्रकृति की ओर से मिला एक बेशकीमती उपहार हैं। ऑक्सीजन, पानी व हवा का संतुलन बनाए रखने में इनकी अहम भूमिका होती है। वृक्ष ही हमें जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। अतः वृक्षारोपण आज जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी पर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सुनिश्चित करने हेतु प्रतिव्यक्ति कम से कम ७ पेड़ आवश्यक हैं। दुर्भाग्यवश! वर्तमान में यह अनुपात काफी कम है। इससे गंभीर पर्यावरणीय संकट खड़ा हो गया है।
अतः सभी का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि वे वृक्षारोपण अभियानों में सहभागिता दर्शाएँ और अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संतुलन बहाल करें। यही स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की गारंटी है।